Amazon Layoffs 2025: AI की वजह से 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी, शशि थरूर ने जताई चिंता
Amazon में 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी – AI के बढ़ते इस्तेमाल का असर
दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने हाल ही में घोषणा की है कि उसने लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। इस फैसले के पीछे कंपनी ने “ऑटोमेशन और AI-आधारित कार्यप्रणाली” को मुख्य कारण बताया है।
कंपनी के अनुसार, कई ऐसे विभाग जहाँ पहले इंसानी श्रम की जरूरत होती थी — अब वहां AI सिस्टम और रोबोटिक प्रोसेसिंग यूनिट्स को लगाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लागत कम करना और दक्षता बढ़ाना बताया गया है।
🔹 कौन-कौन से विभाग हुए प्रभावित?
जानकारी के अनुसार, यह छंटनी मुख्यतः निम्न विभागों में की गई:
कस्टमर सपोर्ट सर्विसेज
वेयरहाउस मैनेजमेंट
कंटेंट मॉडरेशन और डेटा एनालिसिस
टेक्निकल सपोर्ट और ऑपरेशन यूनिट्स
कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें बिना पूर्व सूचना के ईमेल के ज़रिए नौकरी छोड़ने का नोटिस मिला।
🔹 शशि थरूर ने जताई चिंता
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि —
> “AI का तेजी से बढ़ता प्रभाव मानव श्रम को खत्म कर सकता है। हमें इस तकनीकी क्रांति को ‘मानव हित’ के अनुरूप ढालने की आवश्यकता है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि भारत जैसे देशों में भी अब “AI-नियमन” (AI Regulation Policy) पर ठोस कदम उठाए जाएँ ताकि लाखों नौकरियों पर संकट न आए।
🔹 AI और नौकरी — क्या यह भविष्य की चेतावनी है?
यह पहली बार नहीं है जब AI ने इतनी बड़ी संख्या में नौकरियों पर असर डाला हो। पिछले साल Google, Microsoft और Meta (Facebook) जैसी कंपनियाँ भी हजारों कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार,
आने वाले 5 वर्षों में लगभग 40% नौकरियाँ AI और Automation से प्रभावित हो सकती हैं ।
कंपनियाँ अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग दक्षता बढ़ाने, लागत घटाने और तेज निर्णय लेने में कर रही हैं।
🔹 क्या होगा भविष्य?
AI के बढ़ते उपयोग से यह तो स्पष्ट है कि आने वाले समय में नौकरी का स्वरूप बदलेगा।
नए कौशल (New Skills) जैसे AI प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, और रोबोटिक्स की मांग बढ़ेगी।
वहीं पारंपरिक नौकरियाँ, जिनमें मानव हस्तक्षेप ज्यादा था, उनमें कमी आएगी।
शशि थरूर जैसे नेताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि हमें “AI के साथ काम करना सीखना होगा, AI से डरना नहीं”।
🔹 भारत में इसका क्या असर होगा?
भारत में भी Amazon का बड़ा ऑपरेशन है — खासकर Amazon India Warehouses और Customer Service Centers में।
अगर AI-आधारित सिस्टम तेजी से अपनाए गए तो भारतीय कर्मचारियों पर भी असर पड़ सकता है।
हालाँकि Amazon India ने अभी तक स्थानीय स्तर पर किसी छंटनी की पुष्टि नहीं की है।
🔹 निष्कर्ष (Conclusion)
Amazon की यह बड़ी छंटनी दिखाती है कि AI युग की शुरुआत अब वास्तविक रूप से हो चुकी है। जहाँ एक ओर यह तकनीक दुनिया को अधिक कुशल बना रही है, वहीं दूसरी ओर यह लाखों नौकरियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न भी खड़ा कर रही है।
शशि थरूर की चेतावनी हमें यह याद दिलाती है कि तकनीक का विकास तभी सार्थक है जब वह मानव कल्याण के साथ संतुलन बनाए रखे।

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